पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि देश में पेट्रोलियम और एलपीजी की आपूर्ति की स्थिति पूरी तरह सुरक्षित और नियंत्रण में है। सभी खुदरा ईंधन दुकानों में पर्याप्त आपूर्ति है। देश में कहीं भी पेट्रोल, डीजल या एलपीजी की कमी नहीं है।
मंत्रालय ने नागरिकों से अपील की है कि वे जानबूझकर फैलाई जा रही भ्रामक सूचनाओं के सुनियोजित अभियान से गुमराह न हों, इसका उद्देश्य अनावश्यक दहशत फैलाना है।
⛽ पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं
भारत ऊर्जा सुरक्षा का अगुआ है। भारत विश्व का चौथा सबसे बड़ा पेट्रोलियम शोधक और पांचवां सबसे बड़ा निर्यातक है, जो 150 से अधिक देशों को परिष्कृत ईंधन की आपूर्ति करता है। विश्व का शुद्ध निर्यातक होने के कारण भारत में घरेलू पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता संरचनात्मक रूप से सुनिश्चित है। देश भर में एक लाख से अधिक खुदरा ईंधन दुकानें खुली हैं और बिना किसी रुकावट के ईंधन की आपूर्ति कर रही हैं। किसी भी दुकान को आपूर्ति सीमित करने के लिए नहीं कहा गया है।
🛢️ कच्चे तेल की आपूर्ति (Crude Oil Supply)
होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति के बावजूद, भारत को आज दुनिया भर के अपने 41 से अधिक आपूर्तिकर्ता देशों से पहले की तुलना में अधिक कच्चा तेल प्राप्त हो रहा है। अंतर्राष्ट्रीय बाजारों, विशेष रूप से पश्चिमी देशों से उपलब्ध उच्च मात्रा ने किसी भी व्यवधान की भरपाई कर दी है।
भारत की सभी रिफाइनरियां 100 प्रतिशत से अधिक क्षमता पर चल रही हैं। इंडियन ऑयल कंपनियों ने अगले 60 दिनों के लिए कच्चे तेल की आपूर्ति पहले ही सुनिश्चित कर ली है। आपूर्ति में कोई कमी नहीं है।
🏭 सामरिक भंडार: संपूर्ण और सटीक जानकारी (Strategic Reserves)
कुछ लेखों और सोशल मीडिया वीडियो के माध्यम से गलत सूचना फैलाई जा रही है, जिसमें यह बताया जा रहा है कि देश में केवल 6 दिनों का ही भंडार है। यह पूर्णतः गलत है।
| विवरण (Detail) | स्थिति (Status) |
|---|---|
| कुल भंडार क्षमता (Total Storage Capacity) | 74 दिनों की (74 Days) |
| वास्तविक भंडार (Current Actual Reserves) | लगभग 60 दिनों का (Approx 60 Days) (कच्चा तेल, उत्पाद भंडार और भूमिगत गुफाओं में रणनीतिक भंडारण सहित) |
| आगामी खरीद (Future Procurement) | अगले दो महीनों के कच्चे तेल की खरीद सुनिश्चित |
वैश्विक स्तर पर चाहे जो भी हो, प्रत्येक भारतीय नागरिक के लिए लगभग दो महीने की स्थिर आपूर्ति उपलब्ध है। भारत अगले कई महीनों के लिए पूरी तरह से सुरक्षित है। भारत के भंडार के समाप्त या अपर्याप्त होने के किसी भी दावे को पूरी तरह से खारिज किया जाता है।
🍳 एलपीजी: उत्पादन में वृद्धि (LPG: Production Increased)
देश में एलपीजी की कोई कमी नहीं है। मंत्रालय द्वारा जारी एलपीजी नियंत्रण आदेश के बाद घरेलू रिफाइनरी उत्पादन में 40 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
| पैरामीटर (Parameter) | आंकड़ा (Figure) |
|---|---|
| दैनिक एलपीजी उत्पादन (Daily LPG Production) | 50 TMT (कुल आवश्यकता का 60% से अधिक) |
| कुल दैनिक आवश्यकता (Total Daily Requirement) | लगभग 80 TMT |
| शुद्ध दैनिक आयात आवश्यकता (Net Daily Import Requirement) | केवल 30 TMT (भारत अब आयात से कहीं अधिक उत्पादन कर रहा है) |
| सुरक्षित एलपीजी कार्गो (Secured LPG Cargo) | 800 TMT (अमेरिका, रूस, ऑस्ट्रेलिया सहित अन्य देशों से) |
| एलपीजी आयात टर्मिनल (LPG Import Terminals) | 22 टर्मिनल (2014 में 11 से दोगुने) |
तेल कंपनियां प्रतिदिन 50 लाख से अधिक सिलेंडर सफलतापूर्वक वितरित कर रही हैं। उपभोक्ताओं द्वारा घबराहट में ऑर्डर देने के कारण सिलेंडर की मांग 89 लाख सिलेंडर तक पहुंच गई थी और अब घटकर फिर से 50 लाख सिलेंडर रह गई है।
Ministry of Petroleum and Natural Gas categorically states that India’s petroleum and LPG supply situation is fully secure and under control. All retail fuel outlets have enough supplies. There is no shortage of petrol, diesel, or LPG anywhere in the country. The Ministry calls… pic.twitter.com/nzwb0a4TNR
— ANI (@ANI) March 26, 2026
🔌 पीएनजी को प्रोत्साहन (PNG Promotion)
राज्य सरकारों के पूर्ण समन्वय से पाइपलाइन द्वारा प्राकृतिक गैस (पीएनजी) को बढ़ावा दिया जा रहा है, क्योंकि यह भारतीय घरों के लिए सस्ती, स्वच्छ और सुरक्षित है।
| पैरामीटर (Parameter) | आंकड़ा (Figure) |
|---|---|
| दैनिक प्राकृतिक गैस की आवश्यकता | 191 MMSCMD |
| घरेलू प्राकृतिक गैस उत्पादन | 92 MMSCMD |
| शहरी गैस वितरण क्षेत्र (2014) | 57 भौगोलिक क्षेत्र |
| शहरी गैस वितरण क्षेत्र (वर्तमान) | 300 से अधिक |
| घरेलू पीएनजी कनेक्शन (2014) | 25 लाख |
| घरेलू पीएनजी कनेक्शन (वर्तमान) | 1.5 करोड़ से अधिक |
यह दावा कि एलपीजी के खत्म होने के कारण पीएनजी को बढ़ावा दिया जा रहा है, पूरी तरह से गलत जानकारी है। एलपीजी की आपूर्ति सुरक्षित है। पीएनजी भारत के घरों के लिए एक बेहतर, अधिक किफायती और अत्यधिक सुविधाजनक ईंधन है।
⚠️ भ्रम फैलाने पर कार्रवाई (Action Against Misinformation)
मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित भ्रामक वीडियो और पोस्टों पर गंभीर चिंता व्यक्त की है, जिनमें चुनिंदा रूप से कतारों की तस्वीरें, अन्य देशों में सीमित आपूर्ति के वैश्विक समाचार फुटेज और भारत में आसन्न लॉकडाउन तथा आपातकालीन ईंधन उपायों के पूरी तरह से फर्जी और मनगढ़ंत दावों का उपयोग करके कमी की पूरी तरह से झूठी धारणा पैदा की गई है।
यह गलत सूचना शरारती तत्वों द्वारा फैलाई जा रही है और कुछ स्वार्थी तत्व इसे और भी बढ़ावा दे रहे हैं, जिससे आम जनता में अनावश्यक चिंता पैदा हो रही है।
मंत्रालय की चेतावनी: आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता के संबंध में गलत जानकारी फैलाना मौजूदा कानूनों के तहत अपराध है और सरकार जानबूझकर दहशत फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने में संकोच नहीं करेगी।
📌 मुख्य तथ्य (Key Takeaways)
- कोई कमी नहीं: देश में पेट्रोल, डीजल या एलपीजी की कोई कमी नहीं है।
- 60 दिनों का भंडार: वास्तविक भंडार लगभग 60 दिनों का है, न कि 6 दिनों का।
- रिफाइनरी 100%+ क्षमता पर: सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता से चल रही हैं।
- एलपीजी उत्पादन में 40% वृद्धि: घरेलू एलपीजी उत्पादन में भारी वृद्धि हुई है।
- 22 एलपीजी टर्मिनल: आयात क्षमता दोगुनी हो गई है।
- प्रतिदिन 50 लाख सिलेंडर वितरण: सामान्य वितरण जारी है।
- पीएनजी कनेक्शन: 1.5 करोड़ से अधिक घरों तक पहुंच चुका है।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: क्या देश में पेट्रोल-डीजल की कमी है?
उत्तर: नहीं, पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि देश में पेट्रोल, डीजल या एलपीजी की कोई कमी नहीं है। सभी पेट्रोल पंपों पर पर्याप्त आपूर्ति है।
प्रश्न 2: देश में कितने दिनों का तेल भंडार है?
उत्तर: देश में लगभग 60 दिनों का वास्तविक भंडार है। कुल भंडार क्षमता 74 दिनों की है। 6 दिनों के भंडार की अफवाह पूरी तरह गलत है।
प्रश्न 3: एलपीजी की आपूर्ति की क्या स्थिति है?
उत्तर: एलपीजी की आपूर्ति पूरी तरह सुरक्षित है। घरेलू उत्पादन में 40% की वृद्धि हुई है और 800 TMT एलपीजी कार्गो पहले से सुरक्षित हैं। प्रतिदिन 50 लाख से अधिक सिलेंडर वितरित किए जा रहे हैं।
प्रश्न 4: क्या पीएनजी को एलपीजी की कमी के कारण बढ़ावा दिया जा रहा है?
उत्तर: नहीं, यह दावा पूरी तरह गलत है। पीएनजी को दीर्घकालिक ऊर्जा रणनीति के तहत बढ़ावा दिया जा रहा है क्योंकि यह सस्ता, स्वच्छ और सुरक्षित ईंधन है। एलपीजी की आपूर्ति सुरक्षित है।
प्रश्न 5: अफवाह फैलाने पर क्या कार्रवाई होगी?
उत्तर: मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि ईंधन उपलब्धता से संबंधित गलत सूचना फैलाना कानूनन अपराध है। सरकार जानबूझकर दहशत फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने स्पष्ट कर दिया है कि भारत की ऊर्जा सुरक्षा पूरी तरह सुदृढ़ है। विश्व का चौथा सबसे बड़ा पेट्रोलियम शोधक होने के नाते, भारत न केवल आत्मनिर्भर है बल्कि विश्व के 150 से अधिक देशों को ईंधन निर्यात भी करता है। नागरिकों से अपील है कि वे सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल सरकारी सूचनाओं पर ही भरोसा करें। किसी भी प्रकार की भ्रामक जानकारी फैलाने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अस्वीकरण (Disclaimer): यह जानकारी पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा जारी सरकारी बयान पर आधारित है। नवीनतम अपडेट के लिए मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट देखें।
